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सवाल, जवाब के साथ
अप्लाई, अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर सीधे जवाब, और उन शब्दों का शब्दकोश जो आपको ब्रोकर ऐप में दिखेंगे।
क्या पति/पत्नी या माता-पिता का UPI ID चल सकता है?
नहीं। UPI ID आवेदक के अपने नाम वाले बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए। मेल न खाने पर आवेदन रद्द हो जाता है।
"cut-off price" का मतलब क्या है?
बैंड के अंदर जो भी फ़ाइनल कीमत तय होगी, उस पर ख़रीदने की हामी। ₹1,119 प्रति शेयर के हिसाब से पैसा ब्लॉक होता है; बचा हुआ फ़र्क अलॉटमेंट के बाद छूट जाता है। रिटेल, शेयरहोल्डर और कर्मचारी इसे चुन सकते हैं।
कितनी बार अप्लाई किया जा सकता है?
हर कैटेगरी में एक PAN से एक बार। योग्य RIL शेयरहोल्डर एक बार शेयरहोल्डर कोटा में और एक बार रिटेल या HNI में अप्लाई कर सकते हैं। एक कैटेगरी में डुप्लिकेट रद्द हो जाते हैं।
पैसा असल में कब कटता है?
सिर्फ़ तभी जब शेयर मिलें, अलॉटमेंट के आसपास (26 से 27 अक्टूबर)। वरना ब्लॉक हट जाता है।
क्या बोली बदली या रद्द की जा सकती है?
रिटेल और शेयरहोल्डर बोली 23 अक्टूबर को बोली बंद होने तक ब्रोकर ऐप में बदली या रद्द की जा सकती है। HNI और संस्थागत बोली न वापस ली जा सकती है, न घटाई जा सकती है।
क्या परिवार के लोग भी अप्लाई कर सकते हैं?
हां, हर कोई अपने PAN, डीमैट अकाउंट और अपने नाम के UPI ID या बैंक खाते से। हर आवेदन अलग है और लॉटरी में उसका अपना चांस है।
डीमैट अकाउंट नहीं है। क्या देर हो गई?
कई ब्रोकर आधार eKYC से एक दिन में ऑनलाइन अकाउंट खोल देते हैं। बोली से पहले अकाउंट चालू होना चाहिए, और बोली 23 अक्टूबर शाम 7 बजे बंद होती है।
लिस्टिंग वाले दिन क्या होता है?
शेयर NSE और BSE पर ट्रेड होने लगते हैं (28 अक्टूबर, संभावित)। कीमत ख़रीदार और विक्रेता तय करते हैं, और यह इश्यू प्राइस से ऊपर या नीचे हो सकती है।
ऑफ़र डॉक्यूमेंट कहां पढ़ें?
14 अक्टूबर 2026 को फ़ाइल हुआ रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस SEBI की वेबसाइट पर है। फ़ैसले से पहले उसका Risk Factors वाला हिस्सा ज़रूर पढ़ें।
क्या यह Jio की आधिकारिक वेबसाइट है?
नहीं। यह एक अनौपचारिक गाइड है, Jio Platforms की वेबसाइट नहीं। ऑफ़र डॉक्यूमेंट SEBI, NSE और BSE की वेबसाइट पर हैं।
कम से कम और ज़्यादा से ज़्यादा कितनी बोली लगा सकते हैं?
कम से कम एक लॉट: 12 शेयर, ऊपरी कीमत पर ₹13,428। रिटेल में ज़्यादा से ज़्यादा 14 लॉट, ₹1,87,992। ₹2 लाख से ऊपर HNI के तौर पर: 15 से 74 लॉट छोटे HNI, 75 लॉट या ज़्यादा बड़े HNI।
क्या कोई छूट है?
सिर्फ़ कर्मचारी कोटा में बोली लगाने वाले योग्य कर्मचारियों के लिए: हर शेयर पर ₹54 कम। रिटेल निवेशक और RIL शेयरहोल्डर एक ही कीमत देते हैं।
मेरे पास Reliance के शेयर हैं। मुझे क्या मिलता है?
अगर 14 अक्टूबर 2026 को आपके डीमैट में RIL का कम से कम एक शेयर था, तो आप रिटेल या HNI बोली के अलावा ₹2,500 करोड़ के अलग शेयरहोल्डर कोटा में ₹2 लाख तक बोली लगा सकते हैं। कीमत वही है।
मेरा डीमैट अकाउंट जॉइंट है। किसका PAN लगेगा?
पहले होल्डर का। आवेदन पहले होल्डर के नाम पर होता है, और UPI ID या बैंक खाता भी उन्हीं का होना चाहिए।
अगर इश्यू पूरा सब्सक्राइब न हो तो?
जिस कैटेगरी में 1x से कम बोली लगी, वहां हर वैध बोली को पूरा मिलता है। अगर पूरा इश्यू ज़रूरी न्यूनतम तक न पहुंचे, तो सबका पैसा अनब्लॉक हो जाता है।
एंकर निवेशक कौन होते हैं?
बड़ी संस्थाएं जो इश्यू खुलने से एक कामकाजी दिन पहले (यहां 19 अक्टूबर) संस्थागत हिस्से से बोली लगाती हैं। उनके नाम और रकम एक्सचेंज प्रकाशित करते हैं।
दूसरी साइटों पर दिखने वाला "ग्रे मार्केट प्रीमियम" क्या है?
स्टॉक एक्सचेंज के बाहर के सौदों से निकला एक अनौपचारिक आंकड़ा। यह रेगुलेटेड नहीं है, कीमत नहीं है, और तेज़ी से बदलता है। फ़ैसले ऑफ़र डॉक्यूमेंट से लें, इससे नहीं।
क्या लिस्टिंग वाले दिन शेयर बेच सकते हैं?
हां। शेयर डीमैट में आने (27 अक्टूबर) और ट्रेडिंग शुरू होने (28 अक्टूबर, संभावित) के बाद आप उन्हें किसी भी दूसरे शेयर की तरह रख या बेच सकते हैं।
अगर तारीख़ें बदलें तो?
कोई भी बदलाव कंपनी और एक्सचेंज घोषित करते हैं। ऐसा होने पर यह गाइड अपडेट होती है, और रिमाइंडर नई तारीख़ों के हिसाब से जाते हैं।
शब्दकोश
- RHP
- रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस: इश्यू की हर जानकारी वाला ऑफ़र डॉक्यूमेंट, जो बोली से पहले फ़ाइल होता है।
- प्राइस बैंड
- वह रेंज जिसमें बोली लग सकती है: यहां ₹1,065 से ₹1,119। फ़ाइनल कीमत बोली के बाद तय होती है।
- कट-ऑफ़ प्राइस
- जो भी फ़ाइनल कीमत तय हो, उस पर राज़ी होना। रिटेल, शेयरहोल्डर और कर्मचारी इसे चुन सकते हैं।
- लॉट
- बोली की सबसे छोटी इकाई: 12 शेयर।
- रिटेल (RII)
- ₹2 लाख तक बोली लगाने वाले व्यक्ति।
- HNI (NII)
- ₹2 लाख से ऊपर की बोलियां। छोटे HNI ₹10 लाख तक, बड़े HNI उससे ऊपर।
- QIB
- क्वालिफ़ाइड इंस्टिट्यूशनल बायर: म्यूचुअल फ़ंड, बैंक, बीमा कंपनियां, विदेशी संस्थाएं।
- ASBA
- एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट: अलॉटमेंट तक आपका पैसा आपके खाते में ही रहता है, सिर्फ़ ब्लॉक।
- UPI मैंडेट
- UPI ऐप में आने वाली रिक्वेस्ट जिससे रकम ब्लॉक होती है। इस इश्यू में 23 अक्टूबर शाम 7 बजे तक अप्रूव करनी होती है।
- ओवरसब्सक्राइब
- जितने शेयर रखे गए, उससे ज़्यादा की बोली। 10x यानी दस गुना शेयरों की बोली।
- अलॉटमेंट का आधार
- रजिस्ट्रार का प्रकाशित तरीका, जिससे तय होता है कि हर कैटेगरी में किसे शेयर मिलेंगे।
- फ़्रेश इश्यू
- कंपनी के बनाए नए शेयर, इसलिए पैसा कंपनी को जाता है। यह IPO सिर्फ़ फ़्रेश इश्यू है।
- रजिस्ट्रार
- अलॉटमेंट चलाने वाली एजेंसी: इस इश्यू के लिए KFin Technologies।
- लिस्टिंग
- वह दिन जब शेयर NSE और BSE पर ट्रेड होना शुरू करते हैं।